जब से डोनाल्ट ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति बने तब से उनके निर्णयों की वजह से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का माहोल है. इसका कारण है डोनाल्ट ट्रंप का टैरिफ प्लान .किसी भी देश को अमेरिका में अपना माल बेचने के लिए उसे अमेरिकी सरकार के उस देश पर लगाये गए टैरिफ के साथ अपना माल बेचना होंगा.जैसे किसी देश पर 20% टैरिफ लगता है तो उस देश की वस्तु पर अमेरिका में बेचने पर 20% टेरिफ लगेंगा.अर्थात अमेरिका में वस्तु 20% से महँगी हो जायेंगी.
टेरिफ मुद्दे पर भारत और अमेरिका :
वैसे तो भारत और अमेरिका के रिश्ते में किसी प्रकार की तकरार नहीं है दोनों देश वर्षो से एक दुसरे के साथ अच्छे से व्यापर करते है. लेकिन इस सुचारू रूप से चल से व्यापर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप का नजरिया अलग रहा.ट्रंप ने भारत से अच्छे व्यापारिक संबंधो को नज़रंदाज़ करते हुए ये बयान दिया की भारत अमेरिका पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता है.
भारत ट्रंप की बात का सम्मान करते हुए अमेरिका से टैरिफ पर बात करने के लिए तैयार हो जाता है.इस बिच कुश मीटिंग होती रही पर पूर्णतः सफल नहीं रही. बातचीत जारी रही लेकिन हाल ही में ट्रंप ने भारत पर 1 अगस्त से 25% टैरिफ और जुर्माना लगाने का ऐलान कर दिया.एक तरफ ट्रंप भारत को अपना मित्र मानता है और दूसरी तरफ इस तरह का कठोर रवैया अपनाता है. इसी कारण भारत और अमेरिका के आर्थिक स्थिति पर अनिश्चितता का माहोल है.ट्रंप के कठोर व्यवहार का कारण भारत से रूस के साथ व्यापार है.ट्रंप का कहना है भारत रूस से तेल और सैन्य उपकरण खरीदता है उससे रूस को युक्रेन से युद्ध करने में सयाहता मिलती है.
भारत ने किसी भी युद्ध का समर्थन नही किया प्रधानमंत्री मोदी पहले ही दुनिया को संदेश दे चुके की ये दौर युद्ध का नहीं है.लेकिन रूस और युक्रेन की युद्धविराम पर आपसी सहमति न होने के कारण युद्ध अभी तक जारी है.ऐसे में भारत और रूस के व्यापार के कारण भारत कर मनमाना टेरिफ लगाना अव्यवहारिक है.
अमेरिका द्वारा लगाये टेरिफ पर आपकी क्या राय है कमेंट करके जरुर बताये.