
टैरिफ क्या है ? इस लेख में हम जानेंगे कि टैरिफ क्या होता है, टैरिफ क्यों लगाया जाता है और इसके सकारात्मक व नकारात्मक पहलू क्या हैं। | टैरिफ एक प्रकार का कर है, जो सरकार आयात (Import) या निर्यात (Export) पर लगाती है। इसका उद्देश्य सरकार की आय बढ़ाना और देश के उद्योगों की सुरक्षा करना होता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी वस्तु का मूल्य 100 रुपये है और सरकार उस आयातित वस्तु पर 10% टैरिफ लगाती है, तो उस वस्तु पर अतिरिक्त 10 रुपये का शुल्क देना होगा। कोई भी देश अपने वित्त प्रबंधन के दायरे में रहकर अपनी नीतियों के अनुसर आयात या निर्यात वस्तुओ पर टैरिफ मुल्य तय कर सकता है।
टैरिफ क्यों लगाया जाता है?
टैरिफ लगाना देश के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय होता है। इसके पीछे कुछ प्रमुख कारण होते हैं, जिनका यहाँ सरल रूप में उल्लेख किया गया है।
सरकारी राजस्व बढ़ाने के लिए – सरकार की आय का मुख्य साधन कर होता है सरकार को कर से आय मिलती है अगर सरकार आयात पर कर लगाती है तो आयात मूल्य का कुश हिसा सरकार को कर के रूप में मिलता है | इससे सरकार का राजस्व बढ़ता है |
घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए – विदेशो से जो वस्तुएं आयात होती है और उन्ही वस्तुओ को स्वदेशी कंपनीयां भी बनाती है तो ऐसे में विदेश से आयात होने से घरेलू कंपनियों के कारोबार पर इसका असर पड़ता है इसलिए सरकार आयात पर टैरिफ लगा कर आयात को सिमित करती है इससे विदेशी वस्तुओ की घरेलु बाजार में कीमते स्वदेशी वस्तुओ से अधिक हो जाती है। स्वदेशी कंपनियों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण पहलु है इसलीये स्वदेशी कंपनी की सुरक्षा भी टैरिफ का सकारात्मक पहलु है |
रोजगार की रक्षा के लिए – जब स्थानीय उद्योग सुरक्षित रहते हैं, तो उनमें काम करने वाले लोगों की नौकरियाँ भी सुरक्षित रहती हैं। रोजगार को ध्यान रखते हुए सरकार आयात पर टैरिफ लगाती है |
व्यापार घाटा नियंत्रण – यदि कोई देश विदेशों से अधिक आयात करता है और उसका आयात उसके निर्यात से ज्यादा हो जाता है, तो वह ट्रेड डेफिसिट में चला जाता है। आयात के लिए विदेशी मुद्रा में भुगतान करना पड़ता है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में कमी आ सकती है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार आयात पर टैरिफ (शुल्क) लगा सकती है, ताकि आयात कम हो और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिले।
रेसीप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tarrif ) – जब दो देश आपसी समझोते पर एक दुसरे पर टैरिफ लगाते है तो उसे रेसीप्रोकल टैरिफ कहते है | जैसे अमेरिका ने कई देशो पर ( जो अमेरिका के सामान पर टैरिफ लगाते है ) अलग अलग दरें तय कर टैरिफ लगाया है |
टैरिफ का उदहारण Exampe of Tarriff in Hindi
मान लीजिए भारत में मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियाँ हैं, लेकिन चीन से बहुत सस्ते मोबाइल भारत में आ रहे हैं।अगर सरकार टैरिफ नहीं लगाती तो लोग चीनी कंपनियों के सस्ते मोबाइल ही खरीदेंगे। इससे भारतीय मोबाइल कंपनियाँ घाटे में चली जाएँगी और धीरे-धीरे बंद भी हो सकती हैं।और उन कंपनियों के कर्मचारियों की नौकरी भी चली जायेंगी |
एलोन मस्क को अमेरिकी कंपनी टेस्ला को भारत में अपनी कारें बेचने की मंजूरी मिली है | मान लीजिये टेस्ला की एक कार की कीमत अमेरिका में 30 लाख रुपये है। और भारत सरकार आयातित (imported) गाड़ियों पर 100% टैरिफ लगाती है । इसका मतलब है कि वही कार भारत में आने पर 60 लाख रुपये की बिकेंगी | इससे कार खरीदने वाला कस्टमर टेस्ला और भारत की मारुती,टाटा,महेंद्र जैसी कारो से तुलना करने के बाद ही कार खरीदेंगा | यदि उसे टेस्ला महँगी लगे हो उसके पास भारतीय कंपनियों से कम मूल्य में कार खरीदने का विकल्प है |
इस पोस्ट में टैरिफ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गयी है | पोस्ट पर यदि कोई सुझाव या किसी बदलाव के लिए सूचित करना हो तो हमसे कमेंट या ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते है .
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